रे मौसा क्या चोदता है रे तू

antarvasna, incest sex kahani

मेरा नाम राजीव है मैं एक  प्रोफेशनल फोटोग्राफर हूं मैं मुंबई का रहने वाला हूं। मेरी फैमिली वाले चाहते थे कि मैं एक डॉक्टर बनू लेकिन मुझे  फोटोग्राफर बनना था लेकिन उन्होंने मुझे इस चीज के लिए बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं किया। यह सब मैंने अपने दम पर किया है मेरी मां हमेशा से ही कहती रहती थी कि इन सब चीजों में कुछ नहीं रखा लेकिन मुझे फोटोग्राफी ही करना थी। मेरे पापा कहते थे कि हमने तुम्हें फोटोग्राफर बनने के लिए इतना पढ़ाया-लिखाया। खैर वह जो भी बोलते मैं उनकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता था क्योंकि अगर मैं उनकी बातों पर ध्यान देता तो मैं आज यह सब नहीं कर पाता। मैं जिस मॉडल को सूट करता रहा था। वह काफी हॉट और सेक्सी थी लेकिन उसने हमारे साथ कुछ ही दिन काम किया। उसके बाद उसे एक फिल्म का ऑफर मिल चुका था इसलिए उसने मॉडलिंग करना छोड़ दिया। अब मुझे एक उससे भी हॉट मॉडल का इंतजार था लेकिन ऐसी मॉडल में लाऊं कहां से मैं पूरा मुंबई घुमा लेकिन मुझे वैसे मॉडल नहीं मिली जैसी मुझे चाहिए थी। मैंने काफी ऑडिशन कराएं लेकिन उनमें भी वह बात नहीं थी मुझे एक अलग ही मॉडल चाहिए थी।

मैं मुंबई से बाहर गया फिर मैंने अलग-अलग जगह की लड़कियों के ऑडिशन लिए लेकिन वह भी मुझे कुछ खास नहीं लगी। मैं यही सोच रहा था की अब मुझे मॉडल मिलेगी भी या नहीं एक दिन मैं रेस्टोरेंट में अपने सारे दोस्तों के साथ लंच पर गया था और काम की बातें कर रहे थे। फिर मैंने वहां एक लड़की को देख वह अपने दोस्तों के साथ कॉफ़ी पी रही थी। मेरी नजर अचानक उस पर पड़ी। वह मुस्कुराते हुए अपने बालों को खोलकर पीछे की ओर कर रही थी। मुझे वह लड़की पहली नजर में ही अपनी मॉडल के रूप में दिखी मैंने सोच लिया था कि मैं इसे ही एक परफेक्ट मॉडल बना कर रहूंगा। मैं फोन पर बात कर रहा था और यह सोच रहा था कि मैं उससे जाकर मिल लूं और उस से बात करूं लेकिन जैसे ही मैंने फोन रखा। वह जा चुकी थी मैं रेस्टोरेंट से बाहर भी गया उसे इधर उधर देखा रेस्टोरेंट में भी सारी जगह देखा लेकिन वह मुझे कहीं नहीं मिली। मैं सोचता रह गया और वह चली गई। अब मैं उसे कहां ढूंढता फिरूँगा। मुझे समझ नही आ रहा था कि अब मैं क्या करूँ। मैंने सारे शहर में उसे ढूंढना शुरू कर दिया था। मुझे वहीं चाहिए थी आखिर एक दिन वह मुझे मिल ही गई।

मैंने जाकर उससे बात करने की कोशिश की लेकिन उसने मुझसे कोई बात नहीं की और वहां से चली गई मैं उसके पीछे पीछे जाता रहा। उसने देखा कि मैं उसका पीछा कर रहा हूं फिर उसने मुझसे कहा कि तुम्हें क्या चाहिए क्यों मेरा पीछा कर रहे हो। मैंने उसे अपनी बात कही कि मैं तुम्हें अपनी मॉडल बनाना चाहता हूं लेकिन उसने मना कर दिया। उसने कहा कि मुझे मॉडलिंग में कोई इंटरेस्ट नहीं है इसलिए मैं यह नहीं करना चाहती। अब मैं उसे कैसे मनाता कुछ समय बाद वह मुझे फिर मिली और मैंने उसे फिर से वही बात कही। मेरे बहुत कोशिश करने के बाद उसने मुझे बताया कि वह एक छोटे शहर की साधारण लड़की है। उसे यह सब नहीं आता। फिर मैंने उससे कहा कि तुम उसकी चिंता मत करो। यह सब मैं तुम्हें सिखा दूंगा और तुम्हें एक परफेक्ट मॉडल बनाऊंगा। थोड़ी देर बाद वह मान गई। मैंने उसे एक मॉडल के तौर तरीके सिखाए और उसे उस लेवल के लिए तैयार किया। जहां तक मैं उसे पहुंचाना चाहता था मैंने उस पर काफी मेहनत की और उसने भी पूरी लगन से मेरे साथ काम किया। आज वह टॉप की मॉडल है।

अब जब वह एक अच्छे मुकाम पर पहुंच गई। वह मुझसे बहुत खुश हुई और मेरे पास आई और कहने लगी कि तुमने मुझे एक अच्छे लेवल पर पहुंच दिया है। आज मेरा नाम और मेरे पास जो भी पैसा है यह सब मुझे तुम्हारी बदौलत मिली है। तुमने मेरे लिए बहुत कुछ किया है। वरना मैं एक साधारण सी लड़की बनकर रह जाती और अपनी जिंदगी ऐसे ही काट देती। मुझे पता भी नहीं चल पाता कि मुझे अपने जीवन में करना क्या है और आगे जा कर क्या बनना है। मैंने उसे अपनी बात बताई जब मैंने भी स्टार्ट किया था। एक अच्छा फोटोग्राफर होने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। मैंने दीन रात अपनी गांड मरवाई है तब जाकर मुझे वो मुकाम मिला है। तुम्हें तो बहुत जल्दी ही बहुत आसानी से हासिल हो गया। वह कहने लगी कि इतनी गांड मरवानी पड़ती है तो मुझे भी आज तुमसे अपनी गांड मरवाने है। मैंने उसे कहा तुम रहने दो तुमसे नहीं हो पाएगा यह सब लेकिन वह जिद पकड़ कर बैठ गई। मुझे अपनी गांड तुम से ही मरवानी है। मैंने उसे कहा ठीक है क्योंकि उसका फिगर तो एकदम सॉलिड और हॉट था और वह एक मॉडल भी थी तो उसके हाइट भी बहुत ज्यादा थी। मेरी हाइट की जितनी ही उसकी हाइट थी। मैंने उसके पतले होठों को अपने होठों में लेना शुरू किया और उसे स्मूच किया। जैसे ही मैं उसे स्मूच करता तो वह बहुत ही मजे में आ जाती और मुझे कहती तुम्हारे होंठ बहुत अच्छे हैं। मैंने उसके टॉप को उतार दिया और उसके स्तन ज्यादा बड़े नहीं थे क्योंकि वह मॉडलिंग करती है तो इसलिए उसे शेप में रखने पड़ते हैं। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेना शुरू किया और उसे चूसना शुरू किया।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेते हुए मैने उसे अब वही जमीन पर लेटाते हुए उसके पेट को चाटना शुरु किया जैसे ही मैं उसके पेट को चाटता। तो वह मचल जाती और मुझसे कहती कि तुम मेरे पेट में ऐसे मत करो मुझे बहुत गुदगुदी होती है। मैंने अब उसकी चूत चाटना शुरू किया। जैसे ही मैं उसकी  चूत को चाटता तो वह खुश होकर मेरे सर को दबा लेती। अब मैंने उसकी गांड को भी चाटना शुरू किया। मैंने उसकी गांड को बहुत अच्छे से चाटा जब तक उसकी गांड गीली नहीं हो गई। मैंने उसे पूरा गीला कर दिया मैंने उसे अब घोड़ी बना दिया। पहले मैंने उसकी चूत मे अपना लंड डाला और उसे चोदना शुरू किया मैं उसे बहुत देर तक ऐसे ही चोदता रहा। वह काफी तेज चिल्ला रही थी और अपने चूतड़ों को मेरे लंड की तरफ ला रही थी। उसकी चूतडे बहुत बड़ी-बड़ी थी। मैंने उसे बहुत अच्छे से चोदा। पाँच मिनट तक मैं उसे ऐसे ही रगड़ता रहा और जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने उसकी चूत मे ही अपने माल को गिरा दिया। मैंने झट से अपने लंड को बाहर निकाला और दोबारा से उसकी गांड को चाटना शुरू किया। मैंने काफी देर तक उसकी गांड को ऐसे ही चाटा। मैंने उसे अपने लंड को चूसने को कहा तो उसने  मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूसने लगी। उसने काफी देर तक मेरे लंड को ऐसे ही वो एकदम अच्छे से चूसती रही। अब मैं तैयार हो गया था उसकी गांड में अपने लंड को डालने के लिए मैंने जैसे ही उसकी गांड के छेद पर अपने लंड को लगाया तो वह अंदर ही नहीं जा रहा था। मैंने अपने हाथों से उसकी दोनों चूतड़ों को चौड़ा करते हुए।

उसकी गांड में धक्का मारना शुरू किया उसकी गांड  बहुत गोरी थी। उसके गांड का छेद एकदम लाल था जो मुझे साफ साफ दिखाई दे रहा था। मैंने अब उसके गांड में अपने लंड को आधा घुसेड़ दिया था। मैने धक्का मारना शुरू किया तो उसके मुंह से चीख निकल गई और मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया। जैसे ही मेरा पूरा लंड अंदर गया तो मैंने अंदर बाहर करना शुरू किया। पहले तो वह मुझे कहती कि आराम से करो लेकिन उसके बाद वह कहने लगी क्या तुम तेज तेज कर सकते हो। मैंने इतनी तेजी से झटके मारना शुरू किया कि जैसे ही मैं झटके मारता तो उसकी आवाज निकल आती और मै ऐसे ही बहुत देर तक चोदता रहा और बस ऐसे ही रगडे जा रहा था। मेरे लंड से जो घर्षण पैदा हो रहा था वह उसकी गांड में जाकर ही ठंडा हुआ और मैंने अपने वीर्य को उसकी गांड के छेद में ही डाल दिया। जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगी। मुझे अपनी गांड मरवाने में बहुत ही मजा आया और अब दर्द भी बहुत हो रहा है। मैं  अच्छे से चल भी नहीं पा रही हूं। तो मैंने उसे कहा कि जिंदगी में मैंने भी ऐसे ही अपनी गांड मरवाई है। उसका जब भी मन होता तो वह मुझसे  अपनी गांड मरवाने आ जाती और उसे चसका सा लग गया था गांड मरवाने का।