पड़ोसी भाभी की गांड मारी

bhabhi sex stories, antarvasna

मेरा नाम मुकेश है। मैं बहुत ही मेहनती व्यक्ति हूं। जहां पर मैं रहता हूं। वहां पर एक भाभी रहती है। वह बहुत ही हरामी किस्म की है। सारी औरतें उसे कुछ अनाप-शनाप कहती रहती है। वह भी सबके साथ झगड़ा करती रहती है। लेकिन मैं उसे हमेशा देखता हूं तो वह मुझे ही देखकर ना जाने क्यों मुस्कुरा देती है। उसकी गांड बहुत बड़ी-बड़ी है। मुझे वह बहुत ही अच्छी लगती है। उसका फिगर बहुत ही टाइट किस्म का है और वह बहुत टाइट कपड़े पहनती है। जिसमें उसके ऊभार को साफ-साफ देखा जा सकता है। मैं उसको ऊभार हमेशा देखता रहता हूं और उसे कहता हूं।

जब भी वह मुझे मिल जाती। मै पूछ लेता आप बड़े ही टाइट कपड़े पहनते हो। वह कहती है कि हां मैं ऐसे ही कपड़े पहनना पसंद करती हूं लेकिन मै उससे ज्यादा बात नहीं कर सकता था क्योंकी मुझे किसी ने देख लिया तो सब लोग यही समझेंगे कि मैं इसी की तरफ लेता हूं। यह तो सब जगह झगड़ा करती रहती है।

एक दिन वहां पड़ोस में कुछ सामान किसी ने उठा लिया। वह हमारे घर में आकर मेरी मां से बोलने लगी कि तुमने यह सामान उठा लिया है। तो मैंने उन्हें समझाया कि ऐसा कुछ भी नहीं है। जैसा आप समझ रही हैं। आप बिल्कुल गलत मतलब निकाल रही हैं। वह कहने लगी नहीं गलत मतलब निकालने की बात ही नहीं है। जब वह सामान वहां पर है ही नहीं तो मुझे आपके बारे में ही पता चला है। तो आप लोगों ने ही उठाया होगा। मैंने अपनी मां को शांत कराया और उन्हें कहा कि आप बैठ जाइए। आप चुप हो जाइए।

उसके बाद वह भाभी वहां से चली गई। थोड़ी देर बाद वह सामान मुझे बगल में किसी के घर पर रखा हुआ मिला। मैंने वहां से उठा लिया और भाभी के घर चला गया। मैंने उन्हें कहा यह रहा सामान। उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई और वो मुझे कहने लगे कि आओ तुम घर पर बैठो। मैं तुम्हारे लिए शरबत बनाकर लाती हूं। जैसे ही वह शरबत बनाकर लाई। तो मेरा मन बहुत खराब हुआ था। मैं उसे चोदने के इरादे से उसके घर पर आया था। मैंने भी मौका नहीं छोड़ा और उसे जैसे ही वह मुझे शरबत लेकर आई। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। उसे अपनी गोद में बैठा लिया और मैंने उसे कहा कि आप इतना बड़बड़ करती हो तो आपको यह सब अच्छा लगता है। वह मुझे कहने लगी कि मुझे यह सब अच्छा नहीं लगता है। लेकिन मेरा नेचर ही ऐसा हो चुका है। जिसकी वजह से सब लोग मुझे ऐसा ही समझते हैं। इस वजह से मैं सबके साथ झगड़ा करने चली जाती हूं।

मैंने उनसे डिस्कस किया और कहा आप की गांड में खुजली है। मैंने कहा कि आज मैं आपकी खुजली को मिटा कर ही रहूंगा। वह भी कहने लगी ठीक है तुम मेरी खुजली मिटा कर दिखाओ। मेरी खुजली मिट गई तो मैं आज के बाद किसी से भी झगड़ा नहीं करूंगा। अपने घर में ही बैठी रहूंगी और तुम खुजली मिटाने आ जाया करना।

मैंने उसके सलवार कुर्ता फाड़ दिया।  उसकी पैंटी दिखाई दे गई। उसका फिगर बहुत ही टाइट था। लेकिन थोड़ा सा पेट हल्का सा बाहर की तरफ आया हुआ था। क्योंकि उसके पति ने चोद चोद कर उसे पेट को बाहर निकाल दिया था। मैंने उसे कहा कि आज तो मैं तुम्हें छोड़ने वाला बिल्कुल भी नहीं हूं। मैंने उसकी योनि को भी अपने हाथों से दबाना शुरु कर दिया। थोड़े समय बाद मैने उसकी पैंटी को उतार कर फेंक दिया। और उसके स्तनों को काटने लगा। अपने दांतो से धीरे-धीरे उसके पेट पर भी अपने जीभ से चाटना शुरू किया। चूत को चाटना शुरू किया। रंडी ने कहा चूत के पानी को पी ले। मैंने कहा मै तुम्हारे पानी को पी लूंगा।

तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लो और इसको चूसो। जैसे ही उसने मेरे लंड को अंदर लिया। तो मुझे कुछ अलग ही एहसास हुआ और मैं उसके मुंह के अंदर डालता और निकालता। आज मुझे उसकी खुजली को मिटाना ही है। मैं लंड को डालता निकालता ऐसा करते-करते उसके मुंह से थोड़ा सा झाग निकलने लगा था। मैंने उसके स्तनों पर अपने हाथो से दबाना शुरू किया। मैने उसके दोनों स्तनों को दबा दिया और उन दोनों के बीच की दीवार पर अपने लंड को रगडता जाता जैसे ही मै रगडता रहा। थोड़ी देर बाद मेरी पिचकारी उसके मुंह पर पड़ी और पूरा माल बड़ी तेजी से उसके मुंह पर गिर पड़ा। थोड़ा बहुत उसकी आंख के अंदर भी चला गया और वह कहने लगी मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।

मैंने उसे कहा यह मेरा माल है तुम पानी से अपने हाथ मुंह धो लो। वह अपने मुंह को पानी से धोकर आई। जैसे ही वह मेरे पास आ रही थी।  उसके स्तनों उसकी गांड हिल रहे थे। अब मैंने उसको पकड़ कर बिस्तर पर पटक दिया। मैंने उसकी योनि में अपना 10 इंच का लंड डाला और उसे रगड़ना शुरू किया। जैसे मेरा लंड उसकी योनि को रगड़ा जाता। वह चिल्लाती जाती और कहती, तुम्हारा सच में बहुत बड़ा है। मैंने उसे कहा अभी तुम्हारी खुजली मीटी नहीं है 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद मैंने उसकी योनि में ही अपना वीर्य गिरा दिया। वह थोड़ा शांत हो गई क्योंकि उसका भी झड़ चुका था। अब मैंने उसकी गांड की खुजली मिटाने के लिए उसकी गांड में छेद मे जैसे ही लंड डाला। उसे थोड़ा सा गीला पानी निकलता। मेरा लंड अंदर नही गया मैने बाहर निकाल लिया। उसने अपनी उंगली को गांड के अंदर डाल दिया। मैंने मुंह से उसकी गांड को चाटना शुरू किया। कुछ देर में मैंने अपने लंड को उसके मुंह में डाला मेरा लंड भी गीला हो चुका था। मैंने अपने हाथ में तेल लिया और उस तेल को अपने लंड पर रगड़ दिया। मैंने अपने लंड को इतना चिकना कर दिया था। कि वह अच्छी तारीख की गांड में प्रवेश कर जाए। लंड गांड मे जाने के लिए आतुर हो रहा था। मैंने उसकी गांड के छेद पर अपने लंड को सटा दिया। मैंने धीरे से डालना शुरू किया और जैसे-जैसे लंड अंदर जाता।

उसकी गांड और टाइट हो जाती मैं उसकी बड़ी गांड को पकड़कर अंदर की तरफ झटका मारने लगा और मेरा लंड उसकी गांड के अंदर तक चला गया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड के छेद के अंदर चला गया। तो मैंने उसकी गांड से अपने पैरों को पूरा टच कर दिया। अब मैं धीरे से बाहर निकालता तो उसके मुंह से आवाज निकल जाती। वह कहती तुम्हारा इतना मोटा है। अब मुझे लग रहा है। मेरी गांड के पूरे अंदर तक टच हो रहा है। मैंने उसे कहा आज तो मैं तुम्हें छोड़ने वाला नहीं हूं। मैंने जैसे ही अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकाला तो उसे आराम सा महसूस हुआ। उसके बाद मैंने दोबारा अपने लंड को उसकी गांड में डाला। वह बहुत तेज चिल्ला पड़ी और कहने लगी कितना मोटा है तुम्हारा लंड तो मैंने तेज झटके मारने शुरू किए। जैसे ही मैं जोर का धक्का मारता वह अपनी बड़ी सी गांड को मेरे तरफ लेकर आती और मेरे लंड़ से सटा लेती। ऐसा करते हुए मैने काफी देर तक उसकी गांड को मारता रहा। मैंने उसकी गांड स तेल बाहर निकाल दिया था जो उसने अपनी गांड़ में लगाया था। वह खुश हो गई और कहने लगी मुझे अच्छ लग रहा है। मै जोर-जोर के उसकी गांड को पकड़कर धक्का मारता जाता। जैसे-जैसे मैं झटक मारता तो वह चिल्लाती मैंने उसे इतने गंदे तरीके से रगड़ा की उसकी गांड चौडी हो गई थी। वह कहती तुमने तो आज मेरी गांड की खुजली को मिटा दिया है। मैं उसे कहता अभी मिटी नहीं है। अभी तो मेरा वीर्य गिरा नहीं है। मैंने इतने तेज तेज झटके मारने लगा कि उसका पूरा बदन हिलता और वह कहती जाती धीरे-धीरे करो ऐसा करते हुए मेरा वीर्य निकलने वाला था। मैंने अपने वीर्य को उसकी गांड के अंदर तक उतार दिया। वह बड़ी तेजी से उसके गांड़ के अंदर उतरा और जैसे ही मैंने लंड बाहर निकाला तो उसकी गांड के छेद से मेरा माल टपकने लगा। वह कहने लगी तूने तो मेरी एक बार में ही खुजली मिटा दी है। आज से मैं तुझसे ही  गांड़ मरवाऊंगी।

मैंने उसे कहा अभी खुजली मीटी नहीं है। मैं दोबारा तेरी गांड़ मारूंगा जैसे-जैसे मेरा माल टपक रहा था। मैंने दोबारा से उसकी गांड में अपने लंड को प्रवेश करवा दिया और इतना जोर से धक्का मारना शुरु किया कि वह वही जमीन पर लेट गई। जैसी ही वह जमीन पर लेटी तो मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी इसी तरह गांड़ मारता रहा। इस बार मैंने उसे 10 मिनट तक रगड़ा तो वह रोने लगी थी। मैंने दोबारा  अपना माल अंदर ही गिरा दिया। तब जाकर मुझे आराम मिला। उसके बाद से वह मोहल्ले में किसी से भी झगड़ा नहीं करती थी। मैं हमेशा ही उसकी गांड़ मारता हूं।