ऑफिस में जिसे प्यार करता था उसे ही चोदा

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मेरा नाम मोहन है। मैं 32 वर्ष का हूं। मैं एक कंपनी चलाता हूं। मेरे पास बहुत लोग काम करते हैं और वह लोग मेरे पास काफी समय से काम कर रहे हैं। मैंने जब अपना ऑफिस खोला तो उस वक्त मेरे पास बहुत ही कम स्टाफ था लेकिन अब धीरे धीरे मेरा काम बढ़ता जा रहा है। इस वजह से मैंने बहुत ज्यादा स्टाफ रख लिया है और अब मेरे पास बहुत लोग काम करते हैं। मुझे कई बार ऐसा लगता है कि मुझे अपने काम को और बढ़ाना चाहिए इसलिए मैं और ज्यादा मेहनत करता हूं। ताकि मैं अपने काम को और जगह फैला सकूं। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब मैं अपने काम पर पूरा फोकस करता हूं। मेरे घर में मेरी मां है। मेरे पिता का देहांत काफी पहले हो चुका था और मेरी एक बहन भी है। मेरी मां मुझसे कहती है कि तुम्हें अब शादी कर लेनी चाहिए लेकिन मैं उन्हें समझाता हूं कि मैं अभी शादी नहीं करना चाहता। क्योंकि मैं अपने काम को और ज्यादा बढ़ाना चाहता हूं।

यदि मैं शादी कर लूंगा तो मैं अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पाऊंगा। मुझे मेरे काम करने में समस्याएं होंगी और मैं अक्सर घर से बाहर रहता हूं इसलिए मैं शादी के बाद समय नहीं दे पाऊंगा। इसलिए मैं शादी नहीं करना चाहता हूं। मेरी बहन मुझे बहुत ही अच्छे से समझती थी और वह मुझे हमेशा ही सपोर्ट किया करती थी। वह कहती थी कि तुम बहुत ही अच्छे से काम करते रहो, एक दिन तुम बहुत ही बड़े बिजनेसमैन बन जाओगे। मुझे भी ऐसा ही लगता था क्योंकि मैं जिस प्रकार से तरक्की कर रहा था उससे मुझे ऐसा प्रतीत होता था कि एक न एक दिन मुझे और ज्यादा सफलता मिल जाएगी और मैं उसी के पीछे भाग रहा था। एक बार मेरी बहन मीना ने मुझे अपनी दोस्त से मिलाया। उसका नाम मनीषा था और वह मुझसे कहने लगी कि मैं कोई काम देख रही हूं। यदि आपके ऑफिस में कोई वैकेंसी हो तो मैं आपके साथ काम करना चाहती हूं। मैंने उसे कहा कि ठीक है, आप कल से मेरे ऑफिस में आ जाइए और अब वो मेरे ऑफिस में आ गई। अब मैंने उसे काम पर रख लिया क्योंकि मेरी बहन ने मुझे कहा था कि वह बहुत ही अच्छी लड़की है और बहुत ही अच्छे से काम करेगी। मैंने जब उसे काम पर रखा तो मैंने उसे सारी चीजें शुरू में ही समझा दी थी। वह बहुत ही अच्छे से काम कर रही थी और मुझे वह बहुत ही अच्छी लगती थी। ऐसे ही हम साथ मे काम करते रहे। फिर एक दिन उसने मुझसे अपने दिल की बात कह दी। मैंने उससे कहा कि मैं भी तुमसे शादी करना चाहता हूं परंतु मैं अभी शादी नहीं कर सकता क्योंकि मेरे कुछ सपने है।

मैं पहले उन्हें पूरा करना चाहता हूं, उसके बाद ही मैं तुमसे शादी कर पाऊंगा। अब वह ऑफिस में तो आती थी परंतु सिर्फ वो काम करती थी और उसके बाद अपने घर चली जाया करती थी। मैं मनीषा से ज्यादा बात नहीं करता था क्योंकि मुझे ऐसा लगता था कि यदि मैं उससे बात करूंगा तो कहीं मैं उसकी तरह प्रभावित ना हो जाऊ और अपने काम से ना भटक जाऊ। इसलिए मैं उससे अब बहुत कम ही बात किया करता था। वह बहुत ही अच्छी लड़की थी। जब मैंने उसे समझाया तो वह तुरंत ही समझ चुकी थी। मेरा दिल भी यही सोचा था कि मुझे उससे बात करनी चाहिए परंतु मैं अपने काम में किसी भी तरीके से कोई भी कॉम्प्रोमाइज नहीं करना चाहता था। इसलिए मैंने उसके साथ कोई भी कॉम्प्रोमाइज नहीं किया और अपने काम पर ही ध्यान देता रहा। हम दोनों सिर्फ काम के लिए ही बात किया करते थे और वो मुझसे किसी भी प्रकार से कोई बात नहीं करती थी लेकिन एक दिन जब हम ऑफिस में आए तो उस दिन वह बहुत ज्यादा सुंदर लग रही थी और मैंने उसे कहा कि आज हम लोग कहीं घूमने चलते हैं। उस दिन मैं उसे अपने साथ लॉन्ग ड्राइव पर ले गया और वह भी बहुत खुश थी। जब हम लोग कार में बैठ कर बात कर रहे थे तो मैं उसे अपने दिल की बात कर बैठा और उसे कहा कि मैं तुम्हें बहुत ही पसंद करता हूं परंतु मैं तुमसे अभी शादी नहीं कर सकता। तुम मेरे लिए कुछ साल रुक सकती हो तो मैं तुमसे शादी कर लूंगा। वो कहने लगी कि मैं तुम्हारे लिए कुछ वर्ष और रुक सकती हूं क्योंकि मैं तुमसे बहुत ही प्रेम करती हूं। अब वो भी मुझसे बहुत प्रेम करती थी तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उस दिन हम लोग बहुत ही अच्छे से घूमें। अब हम लोग अक्सर घूमने जाया करते थे। मुझे उसके साथ घूमना बहुत ही अच्छा लगता था अब वो सिर्फ मुझसे मेरे काम के बारे में ही बात किया करती थी।

अब हम दोनों ऑफिस में अपना काम किया करते हम बहुत अच्छा समय उसके साथ बिताया करता था। मुझे उसके साथ काम करने में बहुत ही अच्छा लग रहा था। मनीषा मुझे मेरे काम में बिल्कुल भी डिस्टर्ब नहीं करती थी और वह कहती थी कि तुम अपना काम कर लिया करो। लेकिन मुझे कई बार ऐसा लगता था कि वह मेरे लिए बहुत ज्यादा अर्जेस्ट कर रही है। एक दिन मैंने उसे अपने केबिन में बुलाया और हम दोनों साथ बैठकर खाना खा रहे थे। मैं उसे ध्यान से देखे जा रहा था। जब मैंने उसकी आंखों को देखा तो उसकी आंखें बड़ी ही सुंदर थी और मैंने आज से पहले कभी भी उससे इतने ध्यान से नहीं देखा। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे इतना घूर कर क्यों देख रहे हो। मैंने उसे कहा कि मुझे तुम बहुत ही अच्छी लग रही हो इसलिए मैं तुम्हें देख रहा हूं। मैंने उसके हाथ को पकड़ते हुए उसके हाथ को चूमना शुरू कर दिया और अब धीरे-धीरे में उसके होठों को भी चूमने लगा। वह भी मेरा साथ देने लगी और मेरे होठों को किस करने लगी। मैंने उसके गले लगा गया और वह भी मेरे गले मिलने लगी और मेरे होठों को किस करने लगी। वह मेरे गले मिल गई और मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया। मैंने जब उसके स्तनों को उसके सूट से बाहर निकाला तो वह बहुत ही बडे थे और मुझे बड़ा मजा आ रहा था मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। कुछ देर बाद उसकी उत्तेजना और अधिक हो गई मेरी उत्तेजना भी अब पूरी बढ़ चुकी थी और मैंने उसके सारे कपड़े उतारते हुए उसे अपने सोफे में लेटा दिया। उसके दोनों पैरों को मैंने खोल दिया और उसके बाद मैं उसकी योनि को चाटने लगा।

जब मैं उसकी योनि का रसपान कर रहा था तो उसकी चूत से बहुत ही तेजी से पानी निकल रहा था। मैंने अब अपने लंड को उसकी योनि में डाल दिया जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी। वह पूरे मूड में आ गई अब वह पूरे मजे लेने लगी। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मेरे लंड को अपनी योनि में ले रही थी। वह अपने गले से मादक आवाज निकालने लगी और मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी। उसने अपने दोनों पैरों को बहुत चौड़ा कर लिया था मुझे बहुत ही मजा आने लगा कुछ देर तक मैंने उसे उसे चोदना जारी रखा। उसके बाद मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाल दिया और वह बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी। वह इतने प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने दोबारा से उसकी चूत मे अपने लंड को डाल दिया। उसने बड़ी तेजी से मुझको कस कर पकड़ लिया और अपने मुंह से मादक आवाजे निकाल रही थी। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था कुछ समय बाद मैंने उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए घोड़ी बना दिया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह बड़ी तेजी से चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी आज तुमने मेरी इच्छा पूरी कर दी। मैं इतने समय से तुमसे अपनी चूत मरना चाहती थी पर तुम मेरी तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे थे। जब उसने यह बात कही तो मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिया। मैं उसे तेज तेज झटके दे रहा था जिससे उसका पूरा शरीर हिलता जा रहा था और वह मेरी तरफ अपनी चूतडो को किए जा रही थी। मैं उसे बड़ी तीव्र गति से झटके मारता जाता वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाती जाती। अब उसकी चूतडे पूरी लाल हो चुकी थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था। मै उसे धक्के देने लगा लेकिन कुछ समय बाद मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही जा गिरा और अब हम दोनों शांत हो चुके थे।