मामा की साली की सील तोड़ी

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हेल्लो दोस्तों आप सब कैसे है | मुझे आशा है की आप सब अच्छे ही होंगे आज जो कहानी मैं आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ | वो मेरी सच्ची कहानी है और मुझे आशा ही  ये कहानी आपको जरूर पसंद आयेगी | मैं आप लोगो को बता दूं की मेरा नाम रिहान है और मैं गाज़ियाबाद का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 24 साल है | मेरी लम्बाई 5 फुट 8 इंच है | मैं देखने में बहुत ही सुन्दर नहीं हूँ पर मेरी शरीर अच्छा खासा है जिसके कारण मुझसे लड़कियां बहुत जल्दी इम्प्रेस हो जाती है | अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

एक दिन की बात है मैं अपने मामा के यहाँ गया हुआ था | मैं उनके यहाँ पहुंचा तो मैंने देखा की मेरी मामी की बहन आई हुई थी | मैं आप को बता दूं वो बहुत ही खूबसूरत है मैं तो उसको देखता ही रह गया | क्या मस्त मम्मे थे उसके और उसके चूतड़ो का उभार देखकर तो किसी का भी ईमान डगमगा जाए | उसकी उम्र लगभग 22 साल होगी | मैंने मामी से पूछा की ये कौन है | मामी ने बताया की ये मेरी सबसे छोटी बहन जरीना है | उन्होंने बताया की वो इंटर की परीक्षा देने के लिए आई हुई है | वैसे तो मैं मामा के यहाँ सिर्फ दो दिन का प्लान बनाकर गया था पर उसको देखकर मेरा मन बदल गया और मैंने वहां रुकने की ठान ली | मामी ने मुझसे उसकी जान पहचान कराई | मैं बैठ कर सभी से बातें करने लगा | तब तक मेरे मामा भी आ गए | मामा मुझे देखकर बहुत खुश हुए उन्होंने मुझसे कहा की अरे रिहान तू कब आया | मैंने कहा की बस अभी तो आया हूँ मामा | दोपहर का समय था मामा खाना खाने के लिए घर आये हुए थे उन्होंने मुझसे कहा की चलो रिहान खाना खाते है | हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया | जरीना हम दोनों को खाना परोस रही थी | फिर मामा ने मुझसे कहा की रिहान तुम कितने दिन के लिए आये हो | तो मैंने कहा की कुछ सोंच कर नहीं आया हूँ बस जितने दिन मन कहेगा रुकूगा फिर चला जाऊँगा |

उन्होंने मुझसे कहा की तू आ ही गया है तो मेरा एक काम कर | मैंने कहा की क्या काम है बताओ | उन्होंने कहा की जब तक जरीना की परीक्षा नहीं ख़तम हो जाती है तब तक तुम रुक जाओ | मैंने कहा वो क्यूँ | उन्होंने कहा जिस दिन जरीना का पेपर होता है उस दिन मुझे अपनी दुकान बंद करके उसको पेपर दिलाने जाना पड़ता है | तुम अगर रुक जाओगे तो इसको पेपर दिला लाओगे और मेरी दुकान भी बंद नहीं होगी | मैंने मन में सोंचा की मौका अच्छा है मैं उसको ले जाऊँगा तो उसके साथ अकेले में टाइम बिताने का मौका मिलेगा और मैं उसको पटा भी सकता हूँ | मैंने कहा ठीक है मामा मैं रुक जाऊंगा | खाना ख़तम करने के बाद मामा चले गए और मामी ने मुझसे कहा की रिहान तुम जरीना को कुछ पढ़ा दो क्यूंकि मैंने बी.एस.सी तक पढाई की है | मैंने कहा ठीक है और मैंने जरीना से कहा की अपनी किताबे लेकर आओ वो आकर मेरे सामने बैठ गयी और मैंने उसको ख़ास-ख़ास चीजे बता दी जो पेपर में आ सकती थी | वो मेरे सामने बैठकर पड़ने लगी और मेरा सारा ध्यान उसके बूब्स पर था | मेरा मन कर रहा था की बस उनको अभी पकड़ कर मसल दूं | मेरा लंड खड़ा होने लगा था मैंने खुद को सम्हाला फिर मैंने बाथरूम में जाकर उसके नाम की मुठ मारी | अगले दिन उसका पेपर था | मैं सुबह का इंतज़ार करने लगा |

सुबह आकर उसने मुझको जगाया और मुझसे कहा की रिहान जल्दी से तैयार हो जाओ वर्ना देर हो जायेगी | मैं उठा और तैयार हो गया | मैंने मामा की बाइक निकाली और उसको बिठाकर चल दिया | हम दोनों जा रहे थे रास्ता थोडा ख़राब था जिसके कारण मुझे ब्रेक लगानी पड़ी | मैंने जैसे ही ब्रेक लगायी की उसके बूब्स का स्पर्श मेरी पीठ में हुआ मुझे ऐसे महसूस हुआ जैसे की मुझे करंट लग गया हो | फिर थोड़ी देर बाद हम उसके कॉलेज पहुँच गए और वो पेपर देने के लिए अन्दर चली गयी | मैं बाहर बैठा उसका इंतज़ार करता रहा | वो पेपर देकर वापस आई तब तक पानी बरसने लगा था | वो पूरी भीग चुकी थी और उसकी भीगी हुई चूचियां साफ़ चमक रही थी | मैं उनको ही घूरे जा रहा था उसने भी इस बात पर गौर किया और मुझे देखकर एक प्यारी सी स्माइल दी | मैं समझ गया की उसके मन में भी मेरे लिए कुछ है |  मैंने उसको बाइक पर बिठाया और चल पड़ा | अब मैं जान बूझकर ब्रेक लगा रहा था और उसकी चूचिया जब मेरी पीठ में लडती तो मुझे बहुत अच्छा लगता | मैंने उससे कहा की जरीना क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है | उसने कहा की नहीं मुझे ये सब अच्छा नहीं लगता और मैं इन चक्करों से दूर रहती हूँ | फिर मैंने बाइक रोक दी और उसने मुझसे कहा की तुमने रास्ते में बाइक क्यूँ रोकी | मैंने उससे कहा की मुझे तुमसे एक बात कहनी है | उसने कहा की क्या बात है | मैंने कहा की जरीना मुझे तुमसे प्यार हो गया है और तुम्हारे बिना मैं मर जाऊँगा | उसने मुझसे कहा की ये सब ठीक नहीं है अगर मेरी दीदी को पता चला तो बहुत बुरा होगा |

मैंने उससे कहा की मामी को कैसे पता चलेगा मामी ना मैं मामी को बताऊंगा और ना तुम बताना | मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया | वो मुझसे छुटने की कोसिस करने लगी उसने कहा की ये ठीक नहीं है | मैंने उसकी एक नहीं सुनी और उसके गुलाबी होंठो पर किस करने लगा कुछ देर बाद वो भी मेरा साथ देने लगी | फिर उसने कहा की अब चलो घर | मैंने कहा नहीं तुमने मेरी बात का जवाब नहीं दिया | उसने शर्माते हुए कहा की मैंने तुमको जब पहले दिन देखा था तब से ही तुम मुझको पसंद हो पर मुझे डर लग रहा था | मैंने उससे कहा की इसमें डरने की क्या बात है और फिर हम घर के लिए निकल पड़े हम दोनों बहुत खुश थे | उसने अब मुझे पीछे से कसकर पकड़ रखा था और उसके बूब्स की गर्मी मुझे महसूस हो रही थी | मेरा लंड खड़ा हो गया था | हम दोनों घर पहुंचे वो अन्दर चली गयी | गाडी अन्दर खड़ी की और मैं भी अन्दर पहुंचा उसने मुझे टावल लाकर दी और फिर वो कपडे बदलने के लिए बाथरूम में चली गयी | मैंने खुद को पोंछा और वो थोड़ी देर बाद वो कपडे बदलकर निकल आई | फिर मैंने मामी से कपडे मांगे और मैं बाथरूम में कपडे बदलने के लिए पहुंचा | मैंने देखा की उसके कपडे टंगे हुए थे और उसकी पैंटी को देखकर मुझे उसकी चूत की याद आ गयी | मैंने उसकी पैंटी को सूंघकर मुठ मारी और फिर मैंने कपडे बदल लिए |

उस दिन के बाद मैं उसे पेपर दिलाने जाता था तो हम दोनों खूब साथ में घुमते थे और बातें करते थे | मैं कभी-कभी उसके बूब्स भी दबा दिया करता था | वो कुछ नहीं कहती थी अब मैं उसकी चुदाई करना चाहता था | एक दिन मैंने उससे कहा की रात को तुम मेरे कमरे में आना पहले तो उसने मना किया पर मेरे बहुत कहने पर वो मान गयी | मैं लेटा उसका इंतज़ार कर रहा था मामा और मामी के सो जाने के बाद वो चुपके से मेरे कमरे में आई | उसके आते ही मैंने उसको बाँहों में भर लिया और उसके होंठों को चूमने लगा | मैं उसके बूब्स को मसलने लगा मैंने उसके कुरते को उतारने को कहा पर वो नहीं मानी | मैंने धीरे से अपना एक हाँथ उसकी सलवार में डाल दिया और उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा | वो गरम होने लगी उसके बाद उसने खुद ही अपना कुर्ता निकाल दिया | मैंने उसका नाडा खोलकर उसका सलवार भी निकाल दिया अब वो मेरे सामने ब्रा और पैंटी में थी | मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और उसके बूब्स को मसलने लगा | मैंने उसकी पैंटी निकाल दी और उसकी चूत को चाटने लगा |

वो बहुत गरम हो चुकी थी फिर मैंने अपने कपडे निकाल दिए | मेरा लंड देखकर वो डर गयी वो मुझसे कहने लगी की तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है  | उसने कहा की ये सब रहने दो मुझे बहुत दर्द होगा | मैंने उसको समझाया की मैं बहुत ही आराम से करूँगा और तुमको दर नहीं होने दूंगा | मैंने उसकी टांगो को चौड़ा किया और उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक झटका लगाया मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया | वो दर्द से चीख पड़ी मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसको किस करने लगा | उसकी आँखों में आंसू बहने लगे थे और उसकी चूत से खून निकल आया था क्यूंकि वो अभी तक वर्जिन थी | कुछ देर मैंने उसको किस किया तब जाकर वो शांत हुई फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाने सुरु किये | अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी और उसे भी मज़ा आ रहा था | मैंने उसकी मस्त चुदाई की उस रात मैने उसको दो बार चोदा सुबह वो सही से चल नहीं पा रही थी | उसके बाद मैं जब तक रुका उसकी रोज चुदाई की |