जुड़वाँ भाइयो की गांड मस्ती

हमारे घर में, हम दोनों भाइयो के अलावा और कोई भी बहन नहीं थी. सो हम हमेशा आपसी बातें शेयर करते थे. जब हमने जवानी की शुरुवात करी, तो जो चेंज मुझमे आया, उसका जिक्र मैंने अपने ट्विन बरो से किया. जैसे रात को सोते समय मेरे लंड से कुछ चिपचिपा सा निकलता था. वो बोला, कि उसको भी होता है. एक दिन हमने साथ – साथ नहाने का सोचा और बाथरूम में नंगे हो गये. मुझे ये देख कर बड़ा अजीब लगा, कि उसका लंड मेरे लंड से काफी छोटा था. वो भी कहने लगा, कि तुम्हारा ये इतना बड़ा कैसे हो गया? पता नहीं क्यों, वो मेरे लंड को देख कर मुझसे चिपकने लगा और बोला, मुझे भी ऐसा ही करवाना है. उसके चिपकते ही मुझे बड़ा मजा आया और मैंने उसको कस कर पकड़ लिया और रगड़ने लगा. वो भी ऐसा ही करने लगा. लेकिन थोड़ी ही देर में उसके लंड से वोही सिमन निकल पड़ा. मैंने हाथ से मुठ मार कर अपने भी लंड का जूस निकाला, जो उसके सिमन से बहुत ज्यादा था और गाढ़ा भी था.

फिर हम नहा कर निकल आये और रात को हम एक साथ ही सोये और नंगे हो कर एक दुसरे से चिपक गए और एक दुसरे के लंड से खेलने लगे. उसको मस्ती करने के लिए, मैंने उसके लंड को मुह में लेकर चुसना शुरू कर दिया. वो बोला – भैया बहुत मज़ा आ रहा है. मैं जोर – जोर से चूसने लगा और फिर उसने भी मेरा लंड चूसा. मगर बड़ा होने के कारण वो ज्यादा अन्दर तक नहीं जा पा रहा था. फिर हमने ६९ के पोज में एक दुसरे को चुसना शुरू कर दिया. दोनों ही मज़ा आना शुरू हो गया था और जोश भी चढ़ रहा था. तभी उसके लंड से पिचकारी छुट गयी मेरे मुह में ही. मैंने भी जोश के कारण सारा हुस मुह में ही ले लिया और पी गया. बहुत मीठा – मीठा था और इस बार काफी सारा निकला था. मैंने बोला – भाई तू तो बहुत मीठा है. ले ज़रा मुझे भी चख कर बता. फिर मैंने हाथ से हिला कर उसके मुह में अपना वीर्य झाड़ दिया. वो भी पी गया… मेरा भी मीठा था.

फिर हम रोज़ ऐसे ही करने लगे. उस समय हमारी ऐज १४ साल थी और आज हम ३० के हो गए है. तब से आज तक हमने अपने लंड की एक भी बूंद को बेकार नहीं जाने दिया. क्योंकि हम ऐसे ही मज़े लेते हुए, एक दुसरे की गांड भी मारने लगे है. उसने तो मेरी गांड आसानी से मार ली, क्योंकि उसका लंड ज्यादा बड़ा नहीं था. मगर मैं उसकी नहीं मार पाया. वो मरवाता ही नहीं था. वो हमेशा डरता था, कि फट जायेगी मेरे बड़े लंड से और मोटे लंड से. पर एक दिन हम घर में अकेले थे और हमने दारु पी रखी थी. उसने कुछ ज्यादा पी ली थी. हमारे लंड हरकत में आ चुके थे. हमे फिर से सेक्स का मन हुआ और हम शुरू हो गये. मैंने उसकी गांड पर हाथ फेरा, तो उसे अच्छा लगा और फिर वो लेट गया और बोला – धीरे से घुसाना, वरना मेरी गांड फट जायेगी. मैंने भी खूब सारी क्रीम अपने लंड पर लगा ली और उसकी गांड पर भी. फिर मैं अपने लंड को उसकी गांड में घुसेड़ने लगा. मगर वो घुस ही नहीं पा रहा था.. उसे दर्द होने लगा था.

मैंने फिर उसको थोड़ी और दारु पिलाई और वो पूरी तरह से टुन्न हो गया. फिर उसको लिटा कर, मैंने जबरदस्ती लंड को घुसेड दिया. वो बेहोश होने लगा और बेहोशी में मचल रहा था. पर मैंने भी उसको कस कर पकड़ रखा था. लंड पूरा अन्दर जा चूका था. मुझे कुछ गीला – गीला सा महसूस हुआ. देखा, कि खून ही खून लंड पर गांड पर. मगर हम नशे में मस्त हो चुके थे और मैंने उसकी गांड को मारना नहीं छोड़ा. फिर मैंने अपने लंड को बाहर निकाला. सुबह जब वो सो कर उठा, तो उससे चला भी नहीं जा रहा था. बड़े गुस्से से मेरी तरफ देख रहा था. मैंने उसको प्यार से समझाया, कि भाई दारु इतनी चढ़ गयी थी, कि मैं कण्ट्रोल ही नहीं कर पाया. खेर उसके बाद, हम गांड और मुह से एक दुसरे को मस्त करते रहते थे. कभी – कभी तो दिन में १० – १२ भी हो जाता था. फिर भी कभी हमे किसी तरह की प्रॉब्लम नहीं हुई. कमजोरी वगैरह भी नहीं हुई. शायद हम दोनों एक दुसरे के सिमन को पीते रहते थे.. इसलिए.

पर इन सब हरकतों की वजह से फायदा मेरे भाई को हुआ.. उसका लंड भी मेरे जैसे ही बड़ा और मोटा हो गया था. अब हम सेक्स में इतने फिट है, कि शादी के बाद.. अपनी वाइफ को पूरी तरह से सैटइसफाई कर देंगे. हम तो १० – १२ बार भी चोद देंगे उसे. अगर वो झेल पाए तो. अगर मेरी मस्ती भरी कहनी पसंद आई हो तो, आगे की कहानी भी पढना. मैंने जल्दी से अपने दोस्तों के साथ मनाया अपने बर्थडे के बारे में बताऊंगा. जिसमे हमने पुरे दिन करीब ३० लडको को मज़े करवाए. उन सब के लंड पिए… यानि सबका सिमन पिया और अपनी और उसकी सेक्सी हवस कोराहत दिलाई. किसी भी तरह की प्रॉब्लम या कमजोरी नहीं हुई. शायद हम एक दुसरे का सिमन पीते रहते थे इसलिए.  तो दोस्तों, मेरी कहानी आपको कैसी लगी.. मुझे ये बताना जरुर…