दुकान में काम करने वाली लड़की को चोदा

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मेरा नाम रंजीत है, मेरी कपड़ों की दुकान है और मैं रायपुर का रहने वाला हूं। मुझे यह काम करते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं और मेरी उम्र 35 वर्ष है। मेरी शादी को भी काफी समय हो चुका है, मेरा एक 7 साल का लड़का है जो की स्कूल में पढ़ता है और वह बहुत ही ज्यादा शरारती है, उसे संभालने में मेरी पत्नी बहुत ही परेशान हो जाती है और कहती है कि मैं इसे संभालते हुए बहुत परेशान हो चुकी हूं। कभी कबार मेरे माता-पिता भी उसका ध्यान रख लिया करते हैं। मेरे घर का माहौल बहुत ही अच्छा है और मेरे पिताजी का व्यवहार सबसे अच्छा रहता है इसी वजह से हम लोग बहुत ही अच्छे से घर में रहते हैं और मेरी पत्नी भी मेरे माता-पिता का बहुत ध्यान रखती है। मेरे माता-पिता भी मेरी पत्नी की बहुत तारीफ करते हैं और कहते हैं कि तुम्हारी पत्नी का व्यवहार बहुत ही अच्छा है और वह हमारे बारे में बहुत अच्छा सोचती है। उन्हे मेरी पत्नी कभी भी किसी प्रकार से कोई कमी नहीं होने देती और ना ही मेरे पिताजी मेरे बच्चे को किसी प्रकार की कमी होने देते हैं क्योंकि घर का खर्चा सारा वही चलाते हैं।

मेरे पिता एक सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं इसलिए उनकी पेंशन आती है जो वह घर खर्चे में लगा देते हैं। मेरी दुकान में भी काफी लोग काम करते हैं और वह लोग मेरे पास कई समय से काम कर रहे हैं। मेरे दुकान के जितने भी कर्मचारी हैं वह सब मुझसे बहुत खुश रहते हैं और कहते है कि आप हम पर बहुत ही ध्यान देते हैं क्योंकि जब भी किसी को आवश्यकता होती है तो मैं उसकी मदद तुरंत ही कर देता हूं, चाहे वह किसी भी प्रकार की हो, मैं उन्हें कभी भी किसी प्रकार से कोई समस्या नहीं होने देता इसलिए वह मेरे पास काफी समय से काम कर रहे हैं और वह लोग मुझे बहुत ही अच्छे से काम कर के देते हैं। मैं अपनी दुकान में ही अब कुछ नया खोलने की सोच रहा था। मैं सोचने लगा क्यों ना अपनी दुकान का आधा हिस्सा लड़कियों के सामान के लिए इस्तेमाल कर लिया जाए इसलिए मैंने उस पर काम करवाना शुरू कर दिया और मैंने दुकान के आधे हिस्से में लड़कियों के कपड़े रखवा दिए।  मेरा पूरा काम हो चुका था और मेरा सामान भी आ चुका था इसलिए मेरे पास अब महिलाएं भी आने लगी थी और वह लोग भी मेरी दुकान से बहुत ही सामान लेकर जाती थी।

मैंने अपनी दुकान पर सारा नया सामान रखा था, मैंने कोई भी अपनी दुकान पर पुराना सामान नहीं रखा था जो भी फैशन नया आता मैं तुरंत ही उसे अपनी दुकान पर रखवा देता था या फिर अपना माल आर्डर करवा देता था। वह सामान मेरे पास कुछ ही दिनों में पहुंच जाता था और मेरी दुकान पर बहुत ही भीड़ होने लगी इसलिए मुझे उसके लिए कुछ लड़कियां रखनी पड़ी और वह लोग भी बहुत अच्छे से काम कर रहे थे लेकिन कुछ समय बाद एक लड़की ने दुकान से पैसे चोरी कर लिये और फिर मुझे उसे निकालना पड़ा। मैंने उसे बहुत ही डांटा और कहा कि तुम मुझसे पैसे मांग लेती तो मैं तुम्हें पैसे दे देता परंतु तुमने तो पैसे ही चोरी कर लिये। मुझे बहुत ही बुरा लगा जब तुमने पैसे चोरी कर लिए। मैंने उसका हिसाब किया और उसे दुकान से निकाल दिया। अब मुझे किसी लड़की की आवश्यकता थी और मैंने मेरे दुकान में जितने भी लोग काम करते थे उन सब को बता दिया कि यदि उनकी नजर में कोई ईमानदार लड़की हो तो तुम मुझे बता देना, मेरी दुकान में एक लड़की काम करती थी वो कहने लगी कि मेरी एक सहेली है आप यदि उसे काम पर रख सके तो मैं उसे कल दुकान में बुला लेती हूं। जब वह लड़की मेरी दुकान में आई तो मैंने उससे उसका नाम पूछा, उसका नाम अक्षिता है। मैंने जब उससे पूछा कि तुमने इसे पहले कहीं काम किया है तो वह कहने लगी कि मैंने इससे पहले कहीं काम नहीं किया परंतु मैं आपके यहां पर अच्छे से काम कर लूंगी। जो लड़की मेरे दुकान में काम करती थी उसने सब कुछ अक्षिता को बता दिया था और वो कहने लगी कि मुझे मेरी सहेली ने सब कुछ बता दिया है कि आप की दुकान में किसी लड़की ने कुछ दिन पहले चोरी कर ली थी।

मैंने उससे कहा कि तुम्हें जब भी किसी चीज की आवश्यकता हो तो तुम मुझे बोल देना लेकिन तुम कभी भी इस प्रकार से मत करना यदि तुम ईमानदारी से काम करोगे तो मैं तुम्हें ईमानदारी के बदले कुछ पैसे और भी दे दिया करूंगा। मैंने अक्षिता को काम पर रख लिया और वह बहुत ही अच्छे से काम करने लगी। वह काम में बहुत ही ध्यान देती थी और बड़े लगन से काम कर रही थी। मैं उसके काम से बहुत ही खुश था और वह मेरा बहुत ही सम्मान करती थी। मैं जब भी आता तो वह हमेशा मुझे देख कर मुस्कुरा देती थी और अपनी सीट से खड़ी हो जाती थी, मुझे उसे देखकर बहुत ही अच्छा लगता था। मैंने उसकी सैलरी भी बढ़ा दी, जब मैंने उसकी सैलरी बढ़ाई तो मैंने उसे अपने ऑफिस में बुलाया और कहा कि तुम इस बारे में किसी से भी मत बताना कि मैंने तुम्हारी तनख्वाह बढ़ा दी है नहीं तो सब लोग पूछेंगे कि हमारी तनख्वाह तो बड़ा नहीं रहे हैं और तुम कुछ दिन पहले ही आई हो, इस वजह से मैंने उसे किसी को भी बताने से मना कर दिया और उसने किसी को भी अपनी सैलरी के बारे में नहीं बताया। अक्षिता का व्यवहार वाकई में बहुत अच्छा था और मुझे उसे देखकर हमेशा ही खुशी होती थी। अब वही पूरा लड़कियों का काम संभालती थी और मैं भी निश्चिंत होकर अपना काम देखा करता था। उस के रहते हुए मुझे कभी कोई समस्या नहीं हुई और उसने सारा काम बखूबी सीख लिया था और बहुत ही अच्छे से उसे संभालने लगी  थी। मुझे अब अक्षिता से बहुत ज्यादा उम्मीदें होने लगी थी और जब वह मेरे पास मेरे ऑफिस में बैठती तो हम दोनों साथ में बैठकर हिसाब किया करते थे।

वह मुझे हर चीज का हिसाब अच्छे से समझाती थी उस दिन भी वह मुझे दुकान का हिसाब समझा रही थी और जब वह मुझे समझा रही थी तो उसके स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे। उसके स्तन थोड़ा बाहर की तरफ को निकले हुए थे इसलिए मैं सिर्फ उसके स्तनों पर नजर जा रही थी। मैंने जैसे ही उसके मुलायम स्तनों को छुआ तो वह एक दम से उछल पड़ी है मुझे कहने लगी हो आप क्या कर रहे हैं। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल कर हिलाना शुरू कर दिया थोड़ी देर बाद उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ते हुए हिलाना शुरू कर दिया। मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से चूसना शुरू कर दिया कि मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक लेती जाती। उसने मेरे लंड को पूरे अपने मुंह के अंदर तक ले लिया और मेरा लंड उसके गले के अंदर तक जा रहा था। मैंने भी उसके कपड़े खोलते हुए उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया। उसके स्तनों का जब मैं रसपान कर रहा था तो उसके स्तन बहुत ही टाइट और मुलायम थे। मुझे बड़ा मजा आता जब मैं उसके स्तनों को चूस रहा था। मैंने उसकी योनि पर जैसे ही अपनी उंगली को लगाया तो उसकी योनि से बड़ी तेजी से पानी निकलने लगा और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब उसका पानी निकल रहा था। उसका पानी ज्यादा ही तीव्र गति से निकलने लगा तो मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर लगा दिया। जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर लगाया तो वह मचल उठी और मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के दिया जा रहा था। मैंने उसे इतनी तेज झटके मारे की उसका शरीर गर्म होने लगा। मैं जोर से धक्का मारता तो वह चिल्लाने लगती और उसके मुंह से बड़ी तेज़ मादक आवाज निकल जाती। वह मुझे कहने लगी कि आपका बहुत ज्यादा मोटा लंड है मैं बिल्कुल भी आपके लंड को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं। मैंने उसे कहा कि मुझे तो तुम्हारी चूत मारने मे बहुत ही मजा आ रहा है जब मैं तुम्हारी चूत मे अपने लंड को डाल रहा हूं। मैं अब अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था तो मेरा लंड बुरी तरीके से छिल चुका था क्योंकि उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी इसलिए मेरे लंड का बुरा हाल हो चुका था उसने भी अपने दोनों पैरों को चौडा कर लिया। मुझे महसूस होने लगा कि मेरा माल गिरने वाला है मैंने उसे बड़ी तेजी से झटके दिए मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही गिर गया।