दोस्त की बीवी के साथ चुदाई की एक रात

Dost ki biwi ke sath chudai ki ek raat:

हेलो दोस्तों | मेरा नाम समीर है | मेरी उम्र 26 वर्ष है | मैं मध्य प्रदेश से बिलोंग करता हूँ | अब मै आप लोंगो को कुछ अपने बारे में बता दूँ | मेरी हाईट 5 ‘8  है | मै एक हट्टा कट्टा आदमी हूँ | और अब मै आपको अपने सामान के बारे में भी तो बता दूँ | मेरा लंड 6.5 इंच लम्बा है | वैसे मैंने आज तक कइयो की चूत बजाई है |  मुझे गांड मारने में ज्यादा मज़ा आता है | इसीलिए मैं किसी की चूत बजने के बाद गांड जरूर मारता हूँ |

चलिए अब मै अपनी कहानी पर आता हूँ | यह एक सच्ची घटना है जो मैं आपको बता रहा हूं। मेरा एक फ्रैंड है | वह बहुत पतला है | उसका नाम विनय है | वो मेरे साथ में ही काम करता था | हम साथ में काम करते था और साथ में ही लंच भी | काम के बाद हम कई बार एक साथ गाड़ी से निकलते थे और फिर बार में जाकर खूब शराब पीते थे | और घर में नशे में चले जाते थे | एक दिन हम शाम को ऑफिस से निकले तो उसने बार में जाने के लिए कहा | मैंने मना किया फिर भी वो नही माना | मैं उस दिन अपनों गाड़ी नही लाया था | फिर विनय की गाड़ी से ही हम बार में गए | उसने वहां पीना शुरू किया तो खूब जम जार पी ली | वो सीधा खड़ा नही हो पा रहा था | फिर मैंने उसे उठाया और उसकी गाड़ी में बिठाया |और मैं उसे उसके घर ले गया | मै इससे पहले कभी उसके घर नही गया था | मैंने बेल बजाई | उसकी पत्नी ने दरवाजा खोल दिया और  फिर मैंने विनय को ले जाकर सोफे पर लिटा दिया | फिर मैं मुड़ा तो देखा की उसकी बीवी मुझे देख रही थी | क्या लग रही थी वो | चिकनी त्वचा, बड़े स्तन, लंबे बाल और सेक्सी मुस्कान | और उसकी उठी हुई गांड तो और भी मस्त थी | उसका नाम गीता था |

चूंकि विनय पूरी तरह से शराब के नशे में टल्ली था |, मैंने उसे सोफे पर से उठाया और उसे उसके बेडरूम में ले गया | और उसे उसके बेड पर लिटा दिया | जब मैं उसे बेडरूम के अंदर छोड़ने के बाद वापस आ रहा था, तब मैंने उसकी पत्नी को एक शरारती मुस्कुरा दिया | तो  उसने भी सेक्सी सी स्माइल पास की | अब तो मैंने उसी दिन सोच लिया था कि अब तो इसे चोदना है |  और गांड तो जरुर मारनी है | फिर क्या था मैं भी किसी न किसी बहाने विनय के घर पर फोन करने लगा | और इसी बहाने मेरी गीता से बात होने लगी | वो भी खूब मज़े से मुझसे बाते करती थी | शायद विनय के पतले लंड ने उसे संतुष्ट नही किया था | और वो भी एक नए लंड की प्यासी बैठी थी |

फिर मुझे एक मौका मिला | विनय ने अपने घर पर रात के खाने पर मुझे आमन्त्रित किया | मै तो बस तैयार बैठा था | मैंने तुरंत हाँ कर दी | किस्मत से यह शनिवार दिन था | जब मैं उनके घर पहुंचा तो खाने का सब सामान तैयार था | खाना खाने के बाद हम साथ में बैठ कर क्रिकेट मैच देखने लगे ही मै एक बीयर की बोतल ले गया था वो पीने लगे | गीता भी हमारे साथ बैठी थी | वो बस मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी | उसे पता था कि मैंने आज उसे चोदने का पूरा प्लान कर लिया था | फिर मै विनय को खूब शराब पिलाने लगा | थोड़ी देर में ही वो टल्ली हो गया | मैंने विनय को ले जाकर उसके कमरे में सुला दिया | फिर मै उठा और गीता के पास गया | वह बहुत ही महक थी | हमारी आँखों से मुलाकात हुई और मैंने उसे उसकी गर्दन से पकड़ लिया और उसके होंठ पर पूरी तरह से चूमा और उसके पूरे मुंह को चूमा | फिर अपने एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था | वो भी बस अब मेरा लंड अपनी चूत में लेना चाहती थी | लेकिन उसे डर था कि कही विनय न उठ जाए | इसीलिए उसने मुझे धक्का दिया और कहा – अभी नहीं … थोड़ी देर रुको | मैंने कहा डरो मत मैंने विनय को इतनी पिला दी है  कि वो सुबह से पहले उठने वाला नही है |
मेरा सामान धड़क रहा था | मैंने उसे गले लगाया और उसके शरीर पर मेरे उभार मेरी छाती में टच हो रही थी | वो जोर जोर से सांसे ले रही थी | मै बस उसे उसके गले के पास पागलो की तरह किस किये जा रहा था | कभी उसके कानों की बालियों को अपने दांतों से  काट लेता | वो जोर से दान्त पीसती |

फिर क्या था मेरा भी लंड एकदम तैयार हो गया था | मै उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा | वो मोअन करने लगी | आह्ह्ह्ह… आह्हह…. समीर चोद दो मुझे आज …. | विनय मुझे आज तक खुश नही कर पाया | तुम मेरी सभी इच्छाए पूरी कर दो | अब  मैंने उसका ब्लाउज निकल कर फेंक दिया | और जोर जोर से उसके बूब्स को दोनों हाँथो से दबा कर पीने लगा | वो अब और भी जोर से चिल्ला रही थी | फिर मैं नीचे बैठ गया | मैंने गीता की पेटीकोट और साड़ी उठाया और मेरे चेहरे को अंदर ही लगाया | उसकी चूत की गंध मुझे पागल बना रही थी और मैं इसे बस खाना चाहता था | फिर मैंने खींच कर उसकी साडी और पेटीकोट निकल दिया | अब वो सिर्फ पैंटी में थी | मैंने धीरे से गीता की चूत को किस की और वो तो जैसे सातवें आसमान के ऊपर उड़ रही थी और साथ में एकदम जोर जोर से मोअन भी कर रही थी | मैंने अपनी जबान को गीता की चूत में डाल दी और उसे चाटने लगा | गीता के मुहं से निकलती हुई आवाजें और भी तेज हो गई | थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड दिया |मै उसका सारा रस पी गया | मैं खड़ा हुआ मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था |

और फिर गीता ने अपने मुहं में लंड को ले लिया और उसे चूसने लगी | वो मेरे लंड को अपने मुहं में चला रही थी और उनकी जबान मेरे लंड को और बॉल्स को हिला रही थी | वो अपने एक हाथ से अपनी चूत की फांको को और दाने को हिला रही थी |

आज तो एकदम लंड चूसने का मज़ा ही आ गया था | वो जोर जोर से मेरे लंड को अपने मुहँ में अन्दर बाहर कर रही थी | 10 मिनिट तक वो मजे से लंड को चूस रही थी | मेरे लंड में और बॉल्स के अन्दर एकदम से खिंचाव आ गया | मैंने गीता के माथे को पकड़ के अपनी तरफ खिंचा और गीता भी समझ गया की मेरी हालत वीर्य निकालने वाली हो गई थी |

वो भी अपनी चूत को जोर जोर से ऊँगली से हिलाने लगी थी और मोअन कर रही थी | फिर मेरे बॉल्स के अन्दर एकदम से प्रेशर बना और मेरे लंड से निकल पड़ी वीर्य की एक लम्बी सी पिचकारी | गीता मुहं, छाती और पेट का भाग मेरे गाढे वीर्य से भर गया | वो मेरे लंड को तब तक चुसती गई जब तक उसका सब वीर्य नहीं निकल गया | आखरी बूंद को भी उसने चाट के साफ़ कर दिया |

फिर वो मेरी पास में आकर के बैठ गई और अपने बदन को मेरे ऊपर घिसने लगी | फिर मैंने उसको पकड के उसके होंठो को चूम लिया | फिर मै गीता को किस करने लगा और एक हांथ से उसकी चूत में उंगली करने लगा | वो भी मेरे लंड को धीरे धीरे हिलाने लगी | अब मेरा लंड खड़ा हो गया था |

फिर गीता आगे खिसक के सोफे के एक किनारे पर आ गई | मेरा लंड एकदम जल रहा था | गीता ने अपने हाथ में थोडा थूंक लिया और लंड के ऊपर मसल दिया | मैंने भी गीता की टांगो को अपने कंधे के ऊपर रख के मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी चूत में घुसाया तो वो जोर से चिल्लाई | मैंने उसका मुहँ दबा दिया ताकि उसकी आवाज विनय तक न पहुँच जाए | एक ही झटके मे मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा चूका था | और लंड के सब तरफ बस उसकी चूत की गर्मी ही गर्मी थी | फिर मैं उसे धक्के देने लगा | वो भी आह्ह्ह्ह… आह्ह… कर के मज़े लेने लगी | करीब दो घंटे तक मैंने उसे जम के चोदा और गांड भी मारी | फिर हम थक कर अलग हो गए | फिर हुने अपने अपने कपड़े पहने | वो जाकर अपने कमरे में सो गई | मैं भी रात में ही अपनी गाड़ी से अपने घर चला आया | उसके बाद मेरा ट्रांसफर हो गया | मुझे वो शहर छोडना पड़ा | इसीलिए मुझे दोबारा मौका नही मिला | गीता के साथ सेक्स करने का | अब मै दुसरे शहर में भी नई चूत की खोज जारी रख्खी | और जब भी मौका मिलता जम के  चुदाई करता हूँ |