बहुत कष्ट झेलने के बाद जिगोलो बनना पड़ा

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मेरा नाम अंकित है और मेरी उम्र 24 वर्ष है। मैं मेरठ का रहने वाला हूं। मुझे अपने जीवन में कुछ बड़ा करना था इस वजह से मुझे हमेशा ही लगता है कि मैं अपने जीवन में कुछ अच्छा करूं। परंतु मुझसे कुछ भी अच्छा नहीं हो पा रहा है। एक बार मेरे पिताजी ने मुझे कुछ पैसे दिए थे और कहा था कि तुम इन पैसों से यदि कुछ काम शुरू करना चाहते हो तो तुम कर सकते हो। मैंने उन पैसों से अपना एक छोटा सा काम शुरू किया। परंतु वह काम नहीं चला और मेरा उसमें नुकसान हो गया। मेरा नुकसान बहुत ज्यादा हुआ और जो पिताजी ने मुझे पैसे दिए थे वह सब खत्म हो गए और मैं कर्जे में आ गया। परंतु फिर भी मैं चाहता था कि मैं अपने जीवन में कुछ बड़ा करूंगा। मैं यही सोच रहा था कि यदि मुझे कुछ भी किसी प्रकार से काम मिले तो मैं उसे कर लूं। मैंने अब अपने पिताजी से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे यदि तुम्हें और पैसों की आवश्यकता है तो मुझसे ले सकते हो। मैंने उन्हें कहा कि नहीं मैंने पहले ही आपका नुकसान करवा दिया है और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा कि मैं अब आपसे और पैसे लू। मैं बहुत ही परेशान चल रहा था तब मैं अपने दोस्तों से अपने दिल की बात कर लिया करता था। तो मुझे थोड़ा हल्का लगता था। परंतु फिर भी कहीं ना कहीं मेरे अंदर से कुछ चल रहा था। जो मुझे परेशान किये जा रहा था।

मेरे मामा के लड़के का फोन आया और वह मुझे कहने लगा कि मैं मेरठ में आया हुआ हूं। जब वह मेरठ पहुंचा तो मैं उससे मिलकर बहुत खुश हुआ और हम दोनों घर में बैठ कर बात कर रहे थे। मेरे मम्मी पापा भी बहुत खुश थे। वह कहने लगी कि तुम इतने वर्षों बाद हमारे घर आ रहे हो। अमित मेरे पिताजी से कहने लगा कि मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता है। इस वजह से मैं आपके घर नहीं आ पाता। अब मैं बहुत ही बिजी रहने लगा हूं और मुंबई में ही मैंने काम शुरु कर लिया है। तब मेरे पिताजी ने अमित से बात की और उसे कहा कि तुम अंकित को भी अपने साथ ले जाओ। यहां पर वह बहुत ज्यादा परेशान हो गया है। अमित ने जब मुझसे इस बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि मैंने अपना एक छोटा सा काम शुरु किया था लेकिन उसमें मेरा बहुत बड़ा नुकसान हो गया और इस वजह से मैं अब कुछ काम शुरू नहीं करना चाहता और मैं काफी तनाव में भी हूं। अमित ने मुझे कहा कि हम लोग इस बारे में तुम्हारे कमरे में बात करते हैं। अब हम दोनों ही कमरे में चले गए और मैं उससे बात करने लगा। जब मैंने उसे सारी स्थिति बताई तो वह मेरी बात सुनकर मुझे कहने लगा कि तुम मेरे साथ मुंबई चलो और तुम वहीं पर कुछ काम कर लो। मैंने उसे बताया कि मुझ पर बहुत ज्यादा कर्ज हो चुका है। मैंने बाजार से भी कुछ पैसे ब्याज पर लिए थे जो कि मुझे चुकाने है। यदि मैं वह नहीं चुका पाऊंगा तो मेरे घर पर वह लोग आ जाएंगे और मैं नहीं चाहता कि वह मेरे पिताजी से इस बारे में बात करें।

अमित मुझे कहने लगा कि तुम उसकी चिंता मत करो। तुम मेरे साथ मुंबई चलोगे तो कहीं ना कहीं तुम्हारे लिए कुछ काम अवश्य देख लूंगा। उसने मुझे पूरा आश्वासन दिया और मैं उसके साथ मुंबई जाने के लिए तैयार हो गया। जब मैं उसके साथ मुंबई गया तो मैं उसके घर पर ही रुका मेरे मामा मुझे देखकर बहुत ही खुश थे और वह कहने लगे कि तुम कई वर्षों बाद हमारे घर आ रहे हो। मैंने उन्हें बताया कि मैंने अपना काम शुरू किया था लेकिन वह चल नहीं पाया जिस वजह से मेरा नुकसान हो गया और मैं अब कुछ नया काम शुरू करने की सोच रहा हूं। मेरे मामा मुझे कहने लगे की तुमने बहुत ही अच्छा फैसला लिया कि जो तुम यहां आ गए। अब तुम्हें कुछ अच्छा काम अवश्य मिल जाएगा। अमित से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। क्योंकि उसने मुझे मानसिक रूप से बहुत ही सपोर्ट किया। मैं मानसिक रुप से पूरी तरीके से टूट चुका था और मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं शायद अब कुछ कर भी ना पाऊं लेकिन अमित ने मेरा पूरा साथ दिया और अमित अब भी मेरा पूरा साथ दे रहा था। उसने मुझे अपने कई दोस्तों से मिलाया। जिन्होंने कि मुझे बहुत ही मानसिक रूप से सपोर्ट किया और वह कहने लगे कि तुम्हें हमारी किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो तो तुम हमें बता देना लेकिन मैं अब किसी की मदद लेना नहीं चाहता था। मैं सिर्फ अपना काम करना चाहता था। इस बारे में मैंने अमित को बता दिया और मैंने हमेशा कहा कि मैं अपना काम खुद ही कर लूंगा। धीरे धीरे मुझे सब चीजें पता चल जाएगी। अब अमित मुझे पूरे शहर अपने साथ ही लेकर जाता। जब भी वह बाहर जाता तो मैं ही उसके साथ ही जाया करता। मुझे भी धीरे-धीरे रास्तों का पता चलने लगा और कुछ लोगों से मेरी दोस्ती भी होने लगी। मेरी कई लोगों से अब दोस्ती हो चुकी थी और मैं मुंबई के बारे में काफी कुछ जान चुका था। मैं भी एक छोटे-मोटे काम करने लगा और उनसे ही मेरा खर्चा निकल जाया करता था लेकिन मेरे ऊपर अब भी बहुत ज्यादा कर्ज था। जो कि मुझे चुकाना था। इसलिए मैं चाहता था कि उसे मैं किसी भी प्रकार से खत्म कर दू।

एक दिन मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया मैं उस पते पर चला गया। जब मैं वहां पहुंचा तो मुझे पता चला कि एस्कॉर्ट एजेंसी है। वहां पर सारे के सारे लोग अपना मन बहलाया करते थे वह लोगो की डिमांड पर जाते थे जिससे कि उन्हें बहुत ही अच्छा पैसा मिल जाया करता था। जब मुझे उस व्यक्ति ने बताया कि तुम्हें महिलाओं को खुश करना पड़ेगा तो मैंने कहा ठीक है मैं काम कर लूंगा। उन्होंने कहा कि तुम्हें उसके बदले बहुत ही अच्छे पैसे मिलेंगे। उन्होंने मुझे एक महिला के पास भेज दिया और मुझे एडवांस में ही पैसे दे दिए। जब मैं उस महिला के घर गया तो वह अधेड़ उम्र की महिला थी। परंतु मुझे उसे देखकर बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैं उसे देखे जा रहा था जब उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए तो उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए मुझे कहा कि तुम मेरी चूत को अच्छे से चाटा। मैंने बहुत ही अच्छे से उसकी योनि को चाटा उसकी चूत से बहुत ही पानी निकल रहा था। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने जारी रखा और वह उसे बहुत ही अच्छे से चूस रही थी। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसती जाती। थोड़ी देर बाद उसने अपने चूतड़ों को मेरे सामने कर दिया और मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। अब उसकी इच्छा पूरी हो चुकी थी और मैं उसे बड़ी ही तेजी से धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसके चूतड़ों को कसकर अपने हाथों से पकड़ लिया और उसे बड़ी ही तीव्र गति से चोदता जा रहा था। उसका शरीर पूरा गर्म होने लगा और मुझे बहुत अच्छा लगता जब मैं उसे झटके दिए जाता। वह महिला भी मुझसे अपनी चूतड़ों को टकराने लगी और कहने लगी कि मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करते हुए बहुत ही मजा आ रहा है। तुम बड़े ही अच्छे से मेरे साथ सेक्स कर रहे हो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं यह बात सुनकर बहुत ही खुश हो रहा था और उसे बड़ी तेजी से धक्के दिया जाता। उसका शरीर पूरा गर्म हो चुका था और उसकी चूत से भी गर्मी बाहर निकल रही थी। वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाया जा रही थी लेकिन मेरा वीर्य पतन हो गया मैंने वह उसकी योनि के अंदर ही गिरा दिया। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और उसे बहुत ही अच्छे से चूसने लगी। वह अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूस रही थी कि मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। उसके अंदर की उत्तेजना भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी जब मेरा वीर्य उसके मुंह में गिरा तो उसने वह सब अंदर निगल लिया।

मैं उसके घर से चला गया तब से मैं जिगोलो सर्विस में काम करने लगा।  मुझे बहुत ही अच्छी इनकम होने लगी अब धीरे-धीरे मैंने अपना सब पैसा चुकता कर दिया था और अब मैं बहुत ही खुश था। लेकिन अब मैं यही काम करने लगा और इससे मुझे बहुत ही अच्छी आमदनी होने लगी।