अरे रंडी अभी चोदुँगा तुझे चिल्लाती क्यों है

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हाय दोस्तों आज मैं अपनी एक कहानी आप लोगो को बताने जा रहा हूँ | यह कहानी मेरे कॉलेज के टाइम की है | इस कहानी को पढने के बाद आप लोगो को बहुत मजा आयेगा और आप लोग बहुत खुश भी हो जाओगे और इस कहनी को पढने के बाद आप लोगो का लंड भी खड़ा हो जायेगा और आप लोगो का मन भी किसी लड़की को चोदने का करेगा | आप लोग जब तक किसी लड़की को चोद नहीं लेते तब तक आप लोगे के लंड को राहत नहीं मिलेगी |

दोस्तों मेरा नाम अभिलाष ठाकुर है और में भोपाल का रहने वाला हूँ | और मेरी उम्र 28 साल है लम्बाई 5 फीट ४ इंच है और मेरा चेहरे का रंग गोरा है और मेरा लैंड 6 इंच का है | मेरे घर में मैं और मेरे मम्मी पापा और मेरी पत्नी बस है | मेरे मम्मी पापा भोपाल में ही रहते है और में अपनी पत्नी के साथ जबलपुर में रहता हूँ और जिओ कंपनी में जॉब करता हूँ | दोस्तों अब में अपनी कहानी में आता हूँ |

 

दोस्तों जब मैंने अपनी स्कूल की पढाई 12 कक्षा तक कम्पलीट करने के बाद जब कॉलेज में दाखिला  लिया और जब पहले दिन मैं कॉलेज गया तो मैंने कॉलेज में एक से एक माल देखे | उस कॉलेज में बहुत अच्छी और सेक्सी लडकियां पढने आती थी | उसके बाद तो मेरा मन बहुत खुश हो गया था और मेरा मन तो कर रहा था की किसी न किसी लड़की को पकड़कर चोद दूँ | मैं रोज कॉलेज जाने लगा | मेरी क्लास में भी एक से एक माल आते थे | फिर मैंने सोचा अब तो मैं किसी न किसी लड़की को जरुर पटाऊंगा और बहुत चोदुंगा | फिर कुछ दिन तक तो ऐसा ही चलता रहा कॉलेज में ज्यादा कोई दोस्त नहीं थे मेरे | फिर धीरे धीरे मैंने अपने दोस्त बनाये और उसके बाद मैंने अपनी क्लास की लडकियों से भी बात करना स्टार्ट कर दिया और दोस्ती कर ली | मुझे अपनी क्लास की सभी लडकियाँ अच्छी लगती थी मन तो करता था की सभी को पटा लूँ और बहुत चोदु लेकिन ऐसा होता नहीं | पर क्लास में एक लड़की थी जो मुझसे बहुत बात करती थी वो बहुत ही ज्यादा खुबसूरत थी और सेक्सी भी उसका नाम आरती था और वो कटनी की रहने वाली थी वो भोपाल पढने के लिए आई हुई थी | मैंने सोच लिया कि अब में आरती को ही पटाऊंगा और बहुत चोदुंगा | उसके बाद मैं भी आरती से बहुत बाते करने लगा हम दोनों की दोस्ती बहुत अच्छे से हो गई थी और हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से मानते थे और हर बात एक दूसरे से शेअर किया करते थे | एक दिन मैंने आरती का मोबइल उससे मांग लिया और हम दोनों की मोबाइल पर बात भी होने लगी | मैं आरती से बहुत बात किया करता था | आरती को जो भी काम होता था तो वो मुझे फ़ोन लगाती थी और में उसका पूरा काम कर देता था और जब आरती को कही जाना भी रहता था तो वो मुझे फ़ोन लगा कर बुला लेती थी और में उसे ले जाता था जहा उसे जाना रहता था | कुछ दिनों के बाद हम दोनों एक दूसरे को बहुत अच्छे से जानने लगे थे | ऐसी कोई बात नहीं थी की जो मुझे आरती की और आरती को मेरी पता न हो | एक दिन मैंने अच्छा सा मौका देखा और आरती को अपने मन की बात कह दी कि आरती में तुमको बहुत पसंद करता हूँ और तुमसे बहुत प्यार भी करता हूँ | क्या तुम मेरी गर्ल फ्रेंड बनोगी ? यह बात सुनकर आरती ने मुझसे कहा कि अभिलाष तुम मेरे बहुत अच्छे दोस्त हो बस में तुमको अपना बॉयफ्रेंड नहीं बना सकती | यह बात सुनकर मैं थोडा दुखी हो गया लेकिन मुझे आरती की बातो का बिलकुल बुरा नहीं लगा | जब उसने मेरी गर्लफ्रेंड बनने से मन कर दिया तो मुझे बस हल्का सा गुस्सा आया | मैंने आरती से कहा कि कोई बात नहीं तुमको नहीं बनना मेरी गर्लफ्रेंड तो मत बनो लेकिन इस बात को लेकर हमारी दोस्ती में कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिये | हम अच्छे दोस्त है और हमेशा रहेंगे | यह बात सुनकर आरती बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि हमरी दोस्ती कभी नहीं टूटेगी | कॉलेज ख़त्म होने के बाद जब घर वापस आया तो मुझे रात भर नींद नहीं आई थी क्योकि आरती को मैं अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता था और उसने मना कर दिया था गर्लफ्रेंड बनने से |

एक दिन कॉलेज में एक पार्टी रखी गयी थी और उस पार्टी में क्लास के सभी लड़के लडकियों को कुछ ना कुछ करना था तो मैंने उस प्रोग्राम में डांस में पार्टीसिपेट किया था | वो दिन आ ही गया और मैंने पार्टी में डांस किया तो सभी लोग मेरा डांस देखते ही रह गए | आरती भी मेरा डांस देखती रह गयी और बिलकुल सन्न रह गयी | उस दिन डांस में मेरा पहला नंबर लगा था और सभी लोग उस दिन मेरे डांस की तारीफ कर रहे थे | खाना खाते खाते आरती मेरे पास आई और मुझसे लड़ने लगी और कहने लगी कि तुमने मुझे बताया क्यों नहीं कि तुम इतना अच्छा डांस भी कर लेते हो | आरती के साथ उसकी कुछ फ्रेंड्स भी मेरे पास आयीं और मेरे डांस की तारीफ करने लगीं | वो मुझसे डांस सीखने के लिए बोलने लगीं पर मैं नहीं माना | खाने के बाद मैं आरती को छोड़ने उसके रूम चला गया | आरती को उसके रूम छोड़ने के बाद जैसे ही मैं अपने घर जाने लगा तब आरती ने मुझे रोक लिया और मुझसे कहने लगी कि आज तुमको मेरे रूम चलना ही होगा | मैंने उसकी बात मानली और अन्दर जाते ही आरती ने मुझसे कहा अभिलाष तुम दो मिनट रुको मैं कपड़े चेंज कर आती हूँ | फिर आरती कपड़े चेंज करके आ आ गयी और जब वो मेरे सामने आई तो उसे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मन तो कर रहा था कि आरती को पकड़कर चोद दूँ | कुछ देर बात करने के बाद आरती मेरे लिए चाय बनाकर लायी और मुझसे कहने लगी कि अभिलाष मुझे तुमसे एक बात करनी है | मैंने आरती से कहा कि बोल न क्या बात करनी है | तब आरती मुझसे कहने लगी कि अभिलाष आज से तुम मुझे और भी ज्यादा अच्छे लगने लगे हो और मुझे भी अब तुमसे प्यार हो गया है | क्या तुम मेरे बॉयफ्रेंड बनोगे ? यह बात सुनकर मैं ख़ुशी के मारे पागल हो गया और ख़ुशी से कहा मैं तो कब से तुम्हारा बॉयफ्रेंड बनने के लिए तैयार हूँ | आरती मेरी तरफ झुकी और किस करने लगी | जो मैंने सोचा था वही हुआ और तब तो मैंने सोच ही लिया कि आज तो आरती को चोद कर ही जाऊंगा | मैं भी जोश में आ गया और आरती को कस कर पकड़ लिया और आरती के मस्त चिकने चिकने लाल लाल होटो पर किस करने लगा और उसके दूध दबाने लगा |

जब मैं आरती के दूध दबा रहा था आरती बहुत हस रही थी | मैंने आरती से कहा आज मैं तुमको चोद कर ही जाने वाला हूँ | आरती भी मुझसे कहने लगी मैं कौनसा तुमको अब जाने दे रही हूँ | मुझे भी आज तुमसे बहुत चुदने का मन कर रहा है | मैंने आरती के पूरे कपड़े उतार कर उसको पलंग पर लेटा कर उसके मस्त नरम नरम दूध पीने लगा और उसको किस करने लगा पागलों की तरह | मैं बहुत देर तक आरती को किस करता रहा और उसके दूध पीता रहा और उसके बाद आरती मेरा लंड पकड़ने लगी | वो कहने लगी कि अपना लंड मेरी चूत में डालो मैं तड़प रहीं हूँ चुदने के लिए | फिर मैंने आरती की मस्त गोरी गोरी चूत मैं अपना मस्त लंड डाला और आरती को चोदने लग गया | आरती अह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हा ऊह्ह्ह्हह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह उह्ह्हह्ह करने लगी और जोर से चोदने के लिए कहने लगी | उसे चुदने में बहुत मजा आ रहा था और मैं आरती को खूब चोद रहा था | मुझे भी आरती को चोदने में बहुत मजा आ रहा था | मैं आरती को चोदे जा रहा था और आरती अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह उह्ह्हह्ह कर रही थी | फिर उसके बाद मैंने आरती के मुह में अपना लंड डाल दिया और आरती मेरा लंड पीने लगी | मैंने आधे घंटे तक आरती को मन लगा कर चोदा आरती बहुत खुश हो गयी मेरी ज़ोरदार चुदाई से पर वो थक गयी थी | मैं आरती को चोदने के बाद अपने घर चला गया और जब भी मुझे चोदने का मन करता था तो मैं आरती के रूम उसे चोदने के लिए चला जाता था और आरती को बहुत चोदता था | आरती भी मुझे बुलाती रहती थी चुदने के लिए जब भी उसे चुदने का मन करता था क्यूंकि उसकी गीली चूत को मेरे बड़े लंड से प्यार हो गया था |